आगामी गांधी जयंती तक प्रदेश के हर शहरी घर के आगे से कचरा उठाया जाएगा। इसके लिए शहरी आवास निकाय को साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन को लेकर बनी प्रदेश स्तरीय अपेक्स कमेटी की आठवीं बोर्ड बैठक में इसका आदेश दिया गया है।
मुख्य सचिव अरुण मेहता ने इसे लेकर बैठक की और इसमें कई अन्य विभागों के उच्च अधिकारियों ने भी शिरकत की। इस योजना के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी गहनता से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि मौजूदा समय में 984 वार्ड में डोर टू डोर कचरा उठाया जा रहा है। लेकिन मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के हर एक शहर से 2 अक्तूबर तक डोर टू डोर कचरा उठना चाहिए।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि श्रीनगर और जम्मू दोनों शहरों से कचरा उठाकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में मैनेज किया जा रहा है। कमेटी ने श्रीनगर नगर निगम के लिए इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 529 करोड़ रुपये का एक्शन प्लान को भी मंजूर किया है।
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अगले पांच सालों में इसका काम होगा। वहीं जम्मू नगर निगम के लिए 415 करोड़ रुपये का रिवाइज प्लान भी मंजूर किया गया है। विकेन्द्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन की नई अवधारणा घरेलू स्तर पर गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक पृथक्करण पर आधारित है, जिसके बाद घर-घर कचरा संग्रह और कचरा प्रबंधन केंद्रों तक परिवहन किया जाता है।