अनुच्छेद 370 व 35 ए की समाप्ति के बाद जम्मू-कश्मीर में बदले सियासी परिदृश्य और अपने राजनीतिक अस्तित्व के कारण नेशनल कांन्फ्रेंस के बड़े नेताओ में शुमार देवेंद्र सिंह राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया भाजपा में शामिल हुए हैं। नेशनल कांफ्रेंस व पीडीपी की अगुवाई में पिछले एक साल से कश्मीर केंद्रित दलों ने गुपकार गठबंधन के माध्यम से अपना राजनीतिक एजेंडा लोगों के समक्ष पेश कर दिया है। इस एजेंडे में अनुच्छेद 370 व 35ए को बहाल करवाना मुख्य बिंदु है। इसी के तहत पार्टियों के नेताओं ने अपनी राजनीतिक विचारधारा व बयानबाजी जारी रखी हुई हैं।
जम्मू कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव अगले साल लगभग तय हैं। ऐसी स्थिति में जम्मू संभाग खासतौर से हिंदू बहुल जिलों जिसमें जम्मू जिले के अलावा सांबा, कठुआ और उधमपुर शामिल हैं, में नेकां व पीडीपी के नेताओं के समक्ष राजनीतिक अस्तित्व का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसी कारण से पीडीपी के पूर्व महासचिव वेद महाजन, पूर्व राज्य सभा सांसद त्रिलोक सिंह वाजवा व सचिव फलैल सिंह भी बदले सियासी माहौल की वजह से पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।
देवेंद्र राणा दो बार जीत चुके हैं विधानसभा चुनाव
नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा जम्मू जिले के नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधानसभा का चुनाव भाजपा के उम्मीदवार से काफी कम अंतर से जीत चुके हैं। इस बार बदले सियासी माहौल में उनके समक्ष राजनीतिक अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया था। वहीं नेकां वर्तमान परिदृश्य में कश्मीर केंद्रित राजनीति को ही मुख्य प्राथमिकता दे रही है। सांबा की विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से सुरजीत सिंह सलाथिया भी बदले सियासी समीकरण को देखते हुए भाजपा में शामिल हुए हैं।
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भाजपा में शामिल होना राणा और सलाथिया के लिए फायदेमंद
नई परिस्थितियों में देवेंद्र राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया का भाजपा में शामिल होना दोनो के लिए फायदेमंद है। इससे नगरोटा हो या विजयपुर विधानसभा सीटें यहां पर उम्मीदवार पार्टी किसी को भी बनाए भाजपा के लिए जीतना पहले से ज्यादा आसान हो गया है। नेकां के पूर्व मंत्री नासिर असलम वानी के अनुसार देवेंद्र सिंह राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया का नेकां का छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह पार्टी के बड़े नेताओं में शामिल रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि राणा और सलाथिया ने किन कारणों से पार्टी को छोड़ा इसके बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया है।