जम्मू में बैठक के दौरान अधिकारी।
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जम्मू-कश्मीर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ पैकेज 2.2 के तहत चिकित्सा सेवाओं के 409 पैकेज जल्द ही नई दरों के साथ जारी होंगे। यह निर्णय राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) जेएंडके ने लिया है। एसएचए की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले में पेसमेकर लगाने, एंडोवास्कुलर उपचार, सीआरटीडी जैसी महंगी चिकित्सा से जुड़े मरीजों के 90 विशेष मामलों को भी मंजूरी दे दी गई। इन मरीजों को पैकेज से बाहर चिकित्सा सेवाएं दी गई थीं, जिन्हें एसएचए की मंजूरी से अब कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
एसएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यासीन मोहम्मद चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुराने चिकित्सा मामलों को मंजूरी देने का फैसला लिया गया। इन मामलों की मंजूरी का फैसला विभिन्न विशिष्टताओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की सिफारिशों के बाद लिया गया। एसएचए को ऐसे मामलों पर फैसला लेने का विवेकाधिकार है। एसएचए के अनुसार जम्मू-कश्मीर में मरीजों के लिए योजना के संचालन में अधिक दक्षता लाने का प्रयास किया गया है।
बैठक में रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग जीएमसी के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कैंसर रोगियों के इलाज के लिए नए उपचारों, दवाओं को शामिल करने का सुझाव दिया। समिति ने सर्जिकल मेडिकल पैकेजों को ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) में शामिल करने की अनुमति देने का सुझाव भी दिया। चौधरी ने कहा कि मेडिकल और सर्जिकल पैकेजों को जोड़ने के लिए विस्तृत रिपोर्ट एनएचए को प्रस्तुत की जाए।
जीवनरक्षक दवाओं को योजना में शामिल करने पर मांगा सुझाव
सीईओ ने सदस्यों से हाई एंड एंटीबायोटिक्स और इम्युनोग्लोबुलिन, एल्ब्यूमिन आदि जीवन रक्षक दवाओं को शामिल करने के संबंध में सुझाव मांगे। उन्होंने सदस्यों से जम्मू-कश्मीर के लोगों को अधिक चिकित्सा लाभ पहुंचाने के लिए योजना की सफलता को सुनिश्चित बनाने को कहा। कहा कि यह सामान्य योजना नहीं है। इसमें सभी को मिलकर काम करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।