रियासत के डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह ने कहा है कि सिंधु जल समझौते पर राज्य सरकार केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करेगी। 1960 के इस समझौते पर केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी राज्य सरकार उसके साथ होगी।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद सम्मेलन में भाग लेने कोझीकोड पहुंचे डा. सिंह ने पत्रकारों से कहा कि समझौते के कारण रियासत को भारी नुकसान हुआ है। राज्य के नागरिक पहले से ही सिंधु जल समझौते से नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी ऐसे कदम का समर्थन करेगी जो वहां के नागरिकों के हित में हो और जिससे पाकिस्तान दबाव में आए।
'पाकिस्तान ने नहीं किया समझौते का पालन'
निर्मल सिंह,भाजपा
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उन्होंने पाकिस्तान पर हमले करते हुए कहा कि वह भारत के साथ समझौते का पालन करने में विफल रहा है। विशेषकर 1972 के शिमला समझौते का।
तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जनरल परवेज मुशर्रफ के बीच लाहौर घोषणा का भी पाकिस्तान ने पालन नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंक के लिए नहीं होने देगा।
वह लगातार आतंक को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान समझौते तथा घोषणा का आदर नहीं करता है तो फिर वे क्यों करें। यह अधिक दिनों तक नहीं चलेगा।
घाटी में तैनात जवान
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उन्होंने विश्वास जताया कि घाटी में जल्द ही शांति लौटेगी। केंद्र तथा राज्य सरकार इस दिशा में प्रयासरत हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है। पाकिस्तान सीधे आतंकियों को भेजकर जम्मू-कश्मीर में माहौल बिगाड़ रहा है।
गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा अब तक जारी है । हिंसा के चलते कश्मीर के कई जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है ।