सुपरवाइजरों को खुद जाना पड़ रहा घर-घर, गलियां में बढ़ी गंदगी। कचरा देने पर हर माह मात्र सौ रुपये नगर निगम को देना होता है। लोगों के घरद्वार पर ही आटो के माध्यम से कचरा एकत्रित हो रहा है।
शहर में 25 हजार घरों से कचरा शुल्क नहीं आ रहा है। कचरा शुल्क् अदा करने के लिए कई बार नगर निगम की ओर से नोटिस जारी कर अवगत करवाया गया। इसके बावजूद भी लोग कचरा शुल्क अदा नहीं कर रहे हैं।
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मोहल्लों में आटो के माध्यम से कचरा एकत्रित किया जा रहा है। पहले राशि न आने पर डोर टू डोर अभियान को रोका गया। बाद में इसे फिर से शुरू किया। इस बार काउंसलरों की ड्यूटी लगी। लोगों को समझने पर भी शुल्क् अदा नहीं हो रहा है।
मौजूदा समय में पांच लाख से ज्यादा राशि लोगों से वसूल करने को है। सुपरवाइजरों को घर-घर जाकर राशि एकत्रित करनी पड़ रही है। कचरा देने पर हर माह मात्र सौ रुपये नगर निगम को देना होता है। लोगों के घरद्वार पर ही आटो के माध्यम से कचरा एकत्रित हो रहा है। इससे शहर में गलियां साफ सुथरी रह रही है। जहां पर फिर से आटो नहीं पहुंच रहा है। इन इलाकों में फिर से गंदगी बढ़ रही है। सफाई कर्मचारियों को ही डंपिंग साइट तक कचरा पहुंचाया जा रहा है।
आटो सुविधा दी गई है। जहां पर सेवा बंद थीं, यहां बहाल की गई है। लोग कचरा शुल्क समय पर दे। शहर को साफ सुथरा रखने में सहयोग करे। - हरेंद्र सिंह, सीटीओ, नगर निगम