जैश के तीन फिदायीन आतंकी रात 2 बजकर 10 मिनट पर कैंप में घुसे। आतंकियों ने पहले यहां ग्रेनेड से हमला किया और इसके बाद अधाधुंध फायिरंग शुरू कर दी। सीआरपीएफ जवानों ने जवाबी कार्रवाई की तो आतंकी कैंप में बनी एक इमारत में घुस गए।
जहां आतंकी छुपे हुए हैं, वो चार मंजिला इमारत है। बताया जा रहा है कि आतंकी बिल्डिंग के चौथे फ्लोर पर मौजूद हैं और यहीं से फायरिंग कर रहे हैं। इस बिल्डिंग में सीआरपीएफ सेंटर का एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक है और कंट्रोल रूम भी है।
चार मंजिला इमारत में 3 ब्लॉक हैं। बिल्डिंग का पहला ब्लॉक अधिकारियों के आवासीय परिसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जबकि दूसरे ब्लॉक में मेन ऑफिस के साथ क्षेत्राधिकारी कार्यालय भी है। आतंकियों ने ब्लॉक नंबर 3 को अपना टारगेट बनाया।
इस ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर अस्पताल है, जबकि पहले फ्लोर पर सिग्नल सेंटर, कंट्रोल रूप और स्टोर है। दूसरे और तीसरे फ्लोर खाली हैं। इस ब्लॉक में टाइप 2 क्वार्टर के पास एक जवान सैफुद्दीन सोज पोजिशिन लिए हुआ था जिसे आतंकियों ने निशाना बनाया। हमले में जवान शहीद हो गया। अभी भी आतंकी इसी बिल्डिंग में मौजूद हैं और सुरक्षाबलों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया है।
पुलवामा हमले में शहीद जवानों की शिनाख्त इंस्पेक्टर कुलदीप रॉय, 185 बटालियन, गांव टिक्कर खतराइयां हमीरपुर हिमाचल प्रदेश, हेडकांस्टेबल तौफेल अहमद, 185 बटालियन राजोरी, कांस्टेबल सैफुद्दीन गैनी, 185 बटालियन निवासी चाडूरा बडगाम, कांस्टेबल राजेंद्र नैन, 130 बटालियन निवासी गांव गोरीसार, जिला चूरू राजस्थान, कांस्टेबल प्रदीप कुमार पंडा 132 बटालियन, गांव लिपलॉय, उड़ीसा के तौर पर हुई।
जबकि घायल जवानों की पहचान कांस्टेबल नरेंद्र कुमार 185 बटालियन, कांस्टेबल मलम समाधन 185 बटालियन, कांस्टेबल माला राम 49 बटालियन के रूप में हुई।
सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए आतंकियों की पहचान मंजूर अहमद बाबा निवासी पुलवामा, फरदीन अहमद खांडे निवासी त्राल के बताए जा रहे हैं। दोनों आतंकी जैश के स्थानीय आतंकी थे।