कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी चुनौति बन गया है। जैश हमेशा फिदायीन हमले करता आया है। पठानकोट एयरबेस हो या फिर उड़ी हमला। दोनों में ही भारतीय सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले पांच बड़े हमले इस बात के प्रमाण हैं।
पठानकोट में एयरबेस पर हमला करने के बाद भी जैश के हमले जारी हैं। पठानकोट के बाद अब तक उड़ी, नगरोटा, पुलवामा पुलिस लाइन, सुंबल, श्रीनगर एयरपोर्ट के पास बीएसएफ कैंप आदि पर जैश ने हमले किए हैं। जैश एक चार से पांच दल अब भी घाटी के पुलवामा, बारामुला, कुपवाड़ा, अनंतनाग, शोपियां में सक्रिय हैं।
आईजी ने भी जताई थी आशंका
जैश आतंकियों ने 2017 में 27 अगस्त को पुलवामा जिला पुलिस लाइन में हमला किया था। इसमें चार सीआरपीएफ और चार पुलिस कर्मी शहीद हो गए। इस हमले के बाद आईजी कश्मीर ने बयान जारी कर कहा था कि जैश और फिदायीन हमले कर सकता है।
आईजी ने कहा था कि घाटी के अलग-अलग हिस्सों में जैश के चार से पांच ग्रुप सक्रिय हैं। जो कभी भी हमले कर सकते हैं।
कश्मीर घाटी के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के इनपुट पिछले कई दिनों से थे। बावजूद इसके आतंकियों ने साल के अंतिम दिन बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दिया। खुफिया एजेंसियों की ओर से इनपुट जारी किए गए थे कि श्रीनगर सहित अन्य आतंकवाद ग्रस्त जिलों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर आतंकी फिदायीन हमला कर सकते हैं।
आतंकियों की ओर से नव वर्ष के पहले दिन या साल के अंतिम दिन हमला करने के स्टीक इनपुट थे। बावजूद इसके आतंकी हमला हो गया। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि जैश ए मोहम्मद कई दिनों से पुलवामा जिले में हमला करने की तैयारी कर रहा था। वहीं इस हमले के बाद अलर्ट जारी किया गया है।