पठानकोट से जम्मू के बीच प्रतिष्ठित दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे फेज-दो के निर्माण के लिए एनएचएआई ने शुक्रवार को ई-टेंडर जारी किया। यह स्ट्रेच पठानकोट के बलसुआ से जम्मू तक 97 किलोमीटर का होगा। इसके निर्माण पर 5495 करोड़ रुपये खर्च होगा। निर्माण कार्य दो वर्ष में 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक्सप्रेस-वे दिल्ली से अमृतसर और कटड़ा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी कम करेगी। लोग दिल्ली से अमृतसर चार से साढ़े चार घंटे और दिल्ली से कटड़ा छह से साढ़े छह घंटे में पहुंच सकेंगे। यह धार्मिक शहरों अमृतसर व कटड़ा को जोड़ने का सबसे कम दूरी का रूट होगा।
साथ ही रास्ते में औद्योगिक व आर्थिक हब अंबाला, मोहाली, संगरूर, पटियाला, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, कठुआ व सांबा भी जुड़ेंगे। जम्मू-कश्मीर में प्रोजेक्ट चार भागों में विभाजित होगा। एक भाग के लिए 13 मई तथा दो भागों के लिए 21 मई को टेंडर हुआ। चौथा पैकेज कुंजवानी से दोमेल-कटड़ा के बीच का होगा, जिसका डीपीआर जून के अंत तक तैयार होगा।
चड़वाल, घगवाल, विजयपुर व बाड़ी ब्राह्मणा में होगा फ्लाईओवर
जम्मू कश्मीर में एनएच-44 के दोनों तरफ दो लेन का सर्विस लेन होगा। चार लेन का बाईपास होगा और सिक्स लेन की पूरी सड़क होगी। कठुआ के राजबाग में यह एक्सप्रेस वे मिलेगा। चड़वाल, घगवाल, विजयपुर में फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा निर्माण को टूटने से बचाया जा सके। बाड़ी ब्राह्मणा से भी फ्लाईओवर होगा।
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कठुआ व सांबा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है ताकि प्रभावितों को उचित मुआवजा मिल सके। पूरा एक्सप्रेस-वे 671 किलोमीटर का होगा जिस पर 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा।
दस लाख वृक्ष लगाने की योजना
इस एक्सप्रेस-वे पर दस लाख वृक्ष लगाने की योजना है ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पर पाया जा सके। सभी राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्ग पर प्रवेश व निकास की व्यवस्था होगी। पूरे एक्सप्रेस-वे में 40 सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इसमें जम्मू-कश्मीर में सात होंगे।