श्रीनगर स्थित एसएमएचएस अस्पताल के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार कौल का कहना है कि करीब डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण ने मानवता के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इससे बचाव के लिए अभी तक केवल दो ही तरीके हैं। पहला एहतियात और दूसरा वैक्सीन लगवाना।
उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि कोविड की इस लहर पर नियंत्रण पाया जाए और जन जीवन को सामान्य बनाया जाए, लेकिन सरकार को लोगों के सहयोग से ही यह संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में वैक्सीन की मांग बहुत ज्यादा है और उत्पादन सीमित है।
ऐसे में लोगों को एहतियात व कोविड उपयुक्त व्यवहार करके ही खुद को सुरक्षित रखना है। अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। अब तक कोरोना संक्रमण का कोई प्रभावी इलाज नहीं है। ऐसे में मास्क पहनकर, शारीरिक दूरी बनाकर व हाथों को बार-बार धोकर हम संक्रमण से खुद की व परिवार और समाज की सुरक्षा कर सकते हैं।
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उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वह घरों पर ही रहें और बिना कारण कभी भी घर से बाहर न जाएं। जब तक कोरोना का खतरनाक दौर नहीं निकल जाता तब तक लोगों को संयम रखना चाहिए। हर किसी को कोविड एंटीजन या आरटीपीसीआर टेस्ट करवा लेना चाहिए ताकि भ्रम दूर हो जाए और अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो समय पर उपचार हो सके।