शोपियां जिले में अवैध नियुक्तियों के 7 साल पुराने मामले की फिर से जांच होगी। उस समय रहे जिले के जिला उपायुक्त एम एस सूद पर इन नियुक्तियों को करने का केस दर्ज है। इस मामले की जांच कश्मीर क्राइम ब्रांच कर रही थी। क्राइम ब्रांच कश्मीर ने शुक्रवार को इस मामले की जांच पूरी करने के बाद मामले को बंद करने की रिपोर्ट श्रीनगर के अतिरिक्त एंटी करप्शन कोर्ट मेें पेश की। जिसको अतिरिक्त न्यायाधीध सी एल बवोरिया ने खारिज कर दिया।
क्राइम ब्रांच के एसएसपी कश्मीर को फिर से जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि यदि वह खुद नहीं कर सकते तो किसी डीएसपी रैंक के अफसर से इसकी दोबारा जांच करें। तीन महीनों के भीतर इसकी जांच करने के लिए कहा गया है। बता दें कि क्राइम ब्रांच कश्मीर ने कोर्ट में बताया कि 2008 में उक्त अधिकारी ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की भर्ती की। जिसमें नियमों को ताक पर रखा गया।
हमें अपनी जांच में कोई सबूत नहीं मिला कि इसमें कोई ऐसा दस्तावेज मिला हो जिससे यह साबित हो कि नियुक्तियों में धांधली हुई हो। लिहाजा मामले को बंद किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच कहती है कि 6 नियुक्तियां अवैध रूप से हुई हैं।
एटीएम बदलकर पैसे निकालने के आरोपी की जमानत खारिज
कठुआ के अतिरिक्त जिला जज कमलेश पंडिता ने लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर लाखों रुपये निकालने के आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। उत्तर प्रदेश के मुज्जफर नगर के रहने वाले शंकर पर 15 एटीएम के कार्ड बदलकर पैसे निकालने का आरोप है। वह इस तरह के संगीन अपराधों में शामिल है। आरोपी को यदि जमानत दी जाती है तो इस मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद जज ने आरोनी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।