सेना की जरूरत को देखकर बनाया
आईआईटी जम्मू इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर करन नथवानी ने बताया कि जम्मू में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन, हथियार की तस्करी हो रही है। अकसर इनके आने का पता नहीं चल पाता। इस जरूरत को देखते हुए हमने इसे तैयार किया है। एक उपकरण पर 25 से 30 हजार रुपये का खर्च आएगा। फिलहाल इसे हमने 4 श्रेणियों में रखा है। पहला ड्रोन, दूसरा एक से अधिक ड्रोन, तीसरा एयरक्राफ्ट और चौथा चारों तरफ से किसी तरह का शोर। फिलहाल इन चारों की ध्वनि से ही सिग्नल मिल जाएगा।
दो वर्ष में ड्रोन की 100 वारदातें
बता दें कि वर्ष 2022 और 2023 में जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ जिले में एलओसी और बार्डर पार से 95 बार ड्रोन हथियार और ड्रग्स लेकर आया।
गलतफहमी से हुआ वायुसेना स्टेशन पर हमला
सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2021 में जम्मू के वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन हमला गलतफहमी से हुआ। ड्रोन के आने पर यह समझा गया कि किसी हवाई जहाज की आवाज है। इसीलिए ड्रोन हमला करके वापस भी चला गया और पता तक नहीं चला।