आईजी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि ड्रोन एक नया टेक्निकल थ्रेट है। सभी सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से स्थिति और ड्रोन के खतरे की समीक्षा की है। घाटी में सभी सुरक्षा प्रतिष्ठानों और एलओसी पर हाई अलर्ट है। यह एक नई सुरक्षा चुनौती और तकनीकी खतरा है। हम इससे तकनीकी रूप से निपटेंगे। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर तैनाती की गई है जिसका विवरण साझा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने घाटी में हाइब्रिड आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती और चिंता को लेकर रविवार को अमर उजाला में प्रकाशित खबर पुष्टि करते हुए कहा कि हाइब्रिड आतंकियों को सॉफ्ट टारगेट को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हाइब्रिड आतंकियों को सक्रिय आतंकियों के मुकाबले ट्रैक करना भी काफी मुश्किल होता है। इन हाइब्रिड आतंकियों का लक्ष्य निहत्थे और जहां प्रतिशोध की संभावना नहीं है उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। इसमें व्यवसायी, अल्पसंख्यक व्यवसायी सहित, कार्यकर्ता, बिना सुरक्षा वाले राजनीतिक नेता और ऑफ ड्यूटी पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके पीछे मकसद केवल डर पैदा करना है। कहा कि सितंबर के पहले हफ्ते में श्रीनगर को आतंकी मुक्त घोषित किया गया था।
लेकिन दूसरे सप्ताह में बरजुल्ला का एक साकिब एक्टिव हो गया। जब दक्षिणी कश्मीर के रेडवानी और खुड़वनी में सुरक्षाबलों का प्रेशर बना तो आतंकी कमांडर अब्बास शेख ने श्रीनगर में पनाह ली है। पाकिस्तान के इशारों पर उसने यहां करीब छह लड़कों को सक्रिय किया। यह अपने आपको टीआरएफ का बताते हैं, जबकि वह लश्कर के ही हैं। उनमें से एक उबैद मारा जा चुका है, जबकि बाकियों के पीछे लगे हुए हैं और जल्द मार गिराया जाएगा।
आरडीएक्स के इस्तेमाल की आशंका
जांच एजेंसियां मान रही हैं कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन ने ड्रोन के जरिए हवाई अड्डे पर बम गिराए। आशंका है कि विस्फोटकों में आरडीएक्स हो सकता है। हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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