जानिए, कौन होते हैं हाइब्रिड आतंकी, कैसे करते हैं हमला
कश्मीर में टारगेट किलिंग की वारदातों को अंजाम देने के लिए आतंकी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसी साजिश का हिस्सा हाइब्रिड आतंकी हैं। वारदात को अंजाम देने से पहले सॉफ्ट टारगेट की पूरी रेकी की जाती है। इस साजिश को आतंकियों के आका ओवर ग्राउंड वर्कर के जरिए अंजाम देते हैं। इसके बाद हाईब्रिड आतंकियों को हत्या करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इसके बाद हाइब्रिड आतंकी भी कई दिनों तक सॉफ्ट टारगेट की गतिविधियों की रेकी करते हैं और उसके बारे में पूरा ब्योरा जुटा लेते हैं। उन्हें यह अच्छी तरह पता होता है कि कब और किस वक्त हमला करना मुफीद होगा। हाइब्रिड आतंकियों को टारगेट किलिंग के लिए बड़े हथियारों की जरूरत नहीं होती है। छोटे हथियारों व छोटे ग्रुप में आतंकी निहत्थे लोगों को निशाना बनाते हैं।