केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा है 'आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सरकार ने जमात-ए-इस्लाम पर प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ा दिया है'।
साथ ही कहा है कि संगठन को राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ अपनी गतिविधियां जारी रखते हुए पाया गया है। संगठन को पहली बार 28 फरवरी 2019 को गैरकानूनी घोषित किया गया था।