रियासत में बुधवार को मौसम का बदला मिजाज आफत लेकर आया। जम्मू और कश्मीर के कई पहाड़ी इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। तेज हवाओं से कई जगह पेड़ गिर गए।
जम्मू में काली घटाओं से दिन में भी अंधेरा छाने के साथ ओलावृष्टि हुई। झमाझम बारिश से राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा गिर गया है। घाटी में शीत लहर चल रही है। जिला कठुआ के पहाड़ी इलाकों में बिजली-पानी सेवा बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
आसमान से बरसे पानी से धान, मास और तिलहन की पकी फसल को नुकसान पहुंचा है। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में सुबह कई घंटों तक कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा बाधित रही। दोपहर बाद अधिकांश स्थानों पर मौसम साफ हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों में मौसम शुष्क रहेगा।
कैलाश पर्वत और सिंथन टाप की पहाड़ियों पर बर्फबारी
कश्मीर घाटी में मूसलाधार बारिश हुई है। श्रीनगर समेत घाटी के लगभग सभी इलाकों में बुधवार सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर शाम तक जारी थी। बारिश से श्रीनगर में दिन का तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कठुआ जिले में बारिश, तेज तूफान और ओलावृष्टि ने कठुआ, बिलावर, बसोहली, रामकोट आदि इलाकों में धान, मास और तिलहन की पकी फसल बर्बाद हो गई है। बनी के पहाड़ों पर मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। हीरानगर रामकोट 33 केवी लाइन ठप होने से पूरी रामकोट तहसील में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
उधमपुर में बारिश के साथ ओले गिरे। भद्रवाह में कैलाश पर्वत पर दो से तीन इंच बर्फबारी हुई है। किश्तवाड़ में सिंथन टाप की पहाड़ियों पर भी बर्फ गिरी है। राजोरी के थन्नामंडी, दरहाल, बुद्धल, कोटरंका आदि क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
राजोरी-पुंछ को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले मुगल रोड पर करीब दो घंटे तक मौसम की पहली बर्फबारी हुई। पीर पंजाल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ की हल्की चादर बिछी। पुंछ की मेंढर तहसील में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है।