जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के कालाकोट में भाजपा नेकां कार्यकर्ताओं के बीच मंगलवार को हुई झड़प के दूसरे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। हालात को नियंत्रण में रखने व किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए डीसी राजोरी शब्बीर अमहद बट्ट, एएसपी राजोरी यूसुफ चौधरी व एएसपी नौशेरा अतुल शर्मा मौके पर डटे रहे।
डीसी एवं जिला मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुबह से ही पूरे कालाकोट में धारा 144 लागू कर दी थी। पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात कर कालाकोट को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। कालाकोट में सभी स्कूल व कालेज में छुट्टी कर दी गई थी व यातायात पर भी रोक लगी रही। हालांकि बीच-बीच में दुकानें खुलीं।
कालाकोट के सियालसुई क्षेत्र में भी नेकां कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर पुलिस पर मंत्री के दबाव में आकर काम करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर रही है, जो मौके पर मौजूद ही नहीं थे। नेकां कार्यकर्ताओं ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की, तो प्रदर्शन जारी रहेंगे।
अगले आदेश तक धारा 144 लागू
विवाद के बाद धरने पर बैठे थे कार्यकर्ता
- फोटो : फाइल फोटो
दूसरे दिन हालत में धीरे-धीरे तब सुधार आना शुरू हुआ, जब पुलिस ने नेकां के पूर्व एमएलए ठाकुर रछपाल सिंह के भाई व भतीजे सहित नेकां के 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली। वहीं, एसएसपी राजोरी सुलेमान चौधरी ने सिट का गठन कर जांच के निर्देश जारी कर दिए।
एसडीपीओ मंजाकोट जाकिर शाहीन मिर्जा की अध्यक्षता में गठित की गई सिट में एसएचओ नौशेरा मोहम्मद बशीर और कालाकोट पुलिस थाने के सब इंसपेक्टर नवनीत वर्मा को रखा गया है। डीसी ने इस संबंध में बताया कि कालाकोट में सभी स्कूल व कालेज खोलने का निर्णय वीरवार को सुबह लिया जाएगा।
अगले आदेश तक धारा 144 लागू रहेगी व कहीं भी चार या चार से अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर प्रतिबंध रहेगा। गौरतलब कि मंगलवार को नेकां व भाजपा कार्यकर्ताओं में हुई झड़प में पंत्री के पीआरओ मत्तू खान घायल हो गए थे। उन्हें जम्मू रेफर कर दिया गया था। उसके बाद भाजपा ने दिन भर प्रदर्शन कर नेकां के पूर्व एमएलए के परिवार के सदस्यों पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की थी।