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एमसीएच में पहले दिन इलाज के लिए पहुंचे तीस मरीज

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जम्मू। दो साल से कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहे 200 बिस्तर वाले एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में वीरवार से गायनी (स्त्री रोग और प्रसूति) ओपीडी शुरू हो गई है, जिससे संबंधित मरीजों को काफी राहत मिली है। पहले दिन तीस मरीजों को देखा गया। अस्पताल में ओपीडी में मरीजों के लिए इंडोर भर्ती भी की जाएगी। अस्पताल में कोविड और गैर कोविड मरीजों की चिकित्सा देखभाल का प्रावधान रखा गया है। फिलहाल वर्तमान में अस्पताल में कोई भी संक्रमित मरीज उपचाराधीन नहीं है।
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जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉक्टर शशि सूदन ने कंप्यूटरीकृत ओपीडी पर्चियां जारी कर ओपीडी की औपचारिक शुरुआत की। इसमें एसएमजीएस अस्पताल के सलाहकार और अन्य विशेषज्ञों ने ओपीडी में सेवाएं दीं। अस्पताल में कोविड की तीनों लहरों के दौरान संक्रमित मरीजों को सर्जरी और अन्य चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई गईं। अस्पताल में प्रारंभ में केवल 66 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर उपलब्ध थे, लेकिन बाद में इनकी क्षमता बढ़ाकर मानिटर के साथ 200 की गई। यहां पेडियाट्रिक वेंटिलेटर स्पोर्ट बिस्तरों के साथ 1150 डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर और 1000 एलपीएम क्षमता वाले 3 पीएसए प्लांट चालू हैं। अस्पताल में कोविड परीक्षण के लिए आरटीपीसीआर लैब को अप्रैल 2021 में चालू किया गया था, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 1000-1200 परीक्षण करने की है और अब तक 1.5 लाख से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं। इस मौके पर गायनी विभाग की एचओडी डॉक्टर अमिता गुप्ता, बाल विभाग के एचओडी डॉक्टर घनश्याम सैनी, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अरुण शर्मा आदि मौजूद रहे।
ओपीडी की शुरूआत से एसएमजीएस अस्पताल पर मरीजों का लोड कम होगा। इससे मरीजों को एमसीएच अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। आगामी समय में मरीजों के लिए अन्य चिकित्सा सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
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- डॉक्टर शशि सूदन, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू
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