जम्मू-कश्मीर में परिसीमन पर सुप्रीम कोर्ट का रुख स्पष्ट होने के बाद ही पीपुल्स अलायन्स फॉर गुपकार डेक्लेरेशन (पीएजीडी) अपनी रणनीति तय करेगा। यह बात बुधवार को पीएजीडी के अध्यक्ष डॉ. फारुक अब्दुल्ला ने बैठक के बाद मीडिया से कही।
पीएजीडी की बैठक छह माह बाद महबूबा मुफ्ती के आवास पर बुलाई गई थी। इससे पहले डीडीसी चुनावों के बाद 24 दिसंबर को इन दलों की बैठक हुई थी। बैठक में तय किया गया कि अब पीएजीडी के प्रवक्ता सीपीआई(एम) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी होंगे।
डॉ. अब्दुल्ला ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि परिसीमन के बारे में हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। वहां से कोई फैसला आने के बाद ही हम अपनी रणनीति के बारे में कोई स्पष्ट रुख अख्तियार करेंगे। छह माह बाद पीएजीडी की बैठक बुलाने के उद्देश्य के बारे में उन्होंने कहा कि काफी समय से हम एक साथ नहीं बैठे थे, कोविड के कारण भी एहतियात बरतना पड़ता है।
अब कोविड का प्रभाव थोड़ा कम हुआ इसलिए बैठक बुलाई थी। कश्मीर में चल रही अफवाहों पर उन्होंने कहा कि हम भी सुन रहे हैं परंतु कुछ पता नहीं है। केंद्र को जो करना होगा वह करेगा, हम अल्लाह के भरोसे हैं। उम्मीद करते हैं कि जो होगा अच्छा होगा। केंद्र सरकार के साथ बातचीत के मुद्दे पर डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि हमने बातचीत का कोई भी दरवाजा बंद नहीं किया है, वह जब बुलाएंगे उस वक्त देखा जाएगा। हम अपने लोगों की भलाई चाहते हैं।
स्थानीय बच्चों को पकड़ना बंद करे पुलिस
फारूक ने कहा कि कश्मीर में स्थानीय बच्चों को पुलिस जब तब पकड़ती रहती है। उप राज्यपाल से आग्रह है कि इसे बंद किया जाए। अन्यथा स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
इस्तीफा नहीं देंगे, संसद में संघर्ष करेंगे
डॉ. अब्दुल्ला से पूछा गया कि भविष्य में कोई ऐसा फैसला केंद्र की तरफ से आए जो स्थानीय लोगों के खिलाफ हो तो क्या वह इस्तीफा देंगे। इस पर उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं, वह उसी व्यवस्था में रहकर संघर्ष करेंगे। संसद में रहकर हम जिंदा रहने तक अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। देश में पहले ही विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर एकमत है और आगे भी रहेगा।
एक घंटे चली बैठक
महबूबा के गुपकार रोड स्थित आवास पर बुलाई गई इस बैठक की अध्यक्षता डॉ फारूक अब्दुल्ला ने की। बैठक में पीडीपी अध्यक्ष मेहबूबा मुफ्ती, सीपीआई(एम) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, नेकां के हसनैन मसूदी, अवामी नेशनल कांफ्रेंस के मुजफ्फर अहमद शाह, मेहबूब बेग और जावेद मुस्तफा मीर भई शामिल हुए। शाम करीब 5.10 बजे शुरू हुई और करीब एक घंटे तक चली।