जम्मू-कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड ने बीते पांच साल में विभिन्न विभागों में रिक्त पडे पदों को भरने के लिए परीक्षा शुल्क के नाम पर बेरोजगार युवाओं से 77 करोड़ रूपए कमाए हैं। लेकिन पांच साल गुजर जाने के बाद भी इन परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया गया है। यह आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमित मगोत्रा ने प्रेसवार्ता में लगाया है।
उन्होंने कहा कि एक आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा आरटीआई के माध्यम से उक्त जानकारी हासिल की गई है। जेकेएसएसबी की ओर से गैर राजपत्रित (नान गजेटेड) नौकरियों के लिए प्रत्येक फॉर्म के लिए 350 रूपए फीस और गजेटेड पोस्ट के लिए प्रति फॉर्म एक हजार रूपए की फीस रखी गई थी।
नौकरी के लिए इच्छुक आवेदकों से परीक्षा शुल्क के नाम पर 5 सालों में जेकेएसएसबी ने करोड़ों रुपए इकट्ठे किए। यह राशि विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े हुए पदों पर किए जाने वाली चयन परीक्षा को लेकर ली गई। जेकेएसएसबी ने तकरीबन 300 परीक्षाओं का चयन करना था जिसमें एक लाख युवाओं ने आवेदन किया, लेकिन परीक्षाएं नहीं हुईं।
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