राज्यपाल एनएन वोहरा ने पहाड़ी भाषी आरक्षण संबंधी बिल को जम्मू कश्मीर में विधानसभा और विधान परिषद को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया है।
जबकि अन्य तीन बिलों, जिसमें जम्मू-कश्मीर फार्मेसी (संशोधन) एक्ट 2014, जम्मू-कश्मीर वाटर रिसोर्सेज (रेगुलेशन एंड मैनेजमेंट) संशोधन एक्ट 2014, जम्मू कश्मीर सिविल सर्विसेज (स्पेशल प्रोविजन) संशोधन एक्ट 2014 को राज्यपाल ने मंजूरी दी है।
विधान परिषद में सचिव मोहम्मद अशरफ मीर ने सदन में मंगलवार को सूचना दी कि जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन (संशोधन) बिल 2014 (विधानसभा में 2014 का बिल संख्या 18), जिसमें अगस्त 2014 में हुए सत्र में दोनों सदनों में पारित किया गया था, को राज्यपाल ने पुनर्विचार के लिए पांच जनवरी 2015 को लौटा दिया था।
जम्मू-कश्मीर संविधान की धारा 78 के अंतर्गत प्रावधानों के तहत राज्यपाल ने बिल को पुनर्विचार के लिए लौटाया है। इस बिल में पहाड़ी लोगों को आरक्षण देने का प्रवाधान किया गया था।