रियासती सरकार ने अशांत क्षेत्र अधिनियम के रियासत में प्रयोज्यता को लेकर उठे सवालों पर मंगलवार को साफ कर दिया हैं कि सात अक्तूबर 1998 से जम्मू कश्मीर अशांत क्षेत्र अधिनियम 1997 रियासत में लागू नहीं है।
बहरहाल रियासत में राष्ट्रपति शासन लागू होने के समय पांच जुलाई 1990 में संसद की ओर से पारित आर्म्ड फोर्सेस (जम्मू कश्मीर) स्पेशल पावर्स एक्ट (अफस्पा) 1990 से लेकर मौजूदा समय में भी जारी हैं और इस एक्ट के तहत अशांत क्षेत्रों को अधिसूचित किया गया है।
अफस्पा के तहत सशस्त्र बलों को जम्मू कश्मीर के अशांत क्षेत्रों में आतंकवाद से राज्य की सुरक्षा करने को विशेष अधिकार प्राप्त है।
अफस्पा एक्ट 1990 की धारा तीन के तहत राज्य के गवर्नर या केंद्र सरकार को आधिकारिक गजेट में पूरी रियासत या राज्य के किसी हिस्से को अशांत क्षेत्र घोषित करने के अधिकार है।
अफस्पा को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने पहले एलओसी से बीस किलोमीटर के दायरे में आने वाले जिलों पुंछ, राजौरी, अनंतनाग, बारामूला, बडगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा और श्रीनगर में लागू कर इन जिलों को अशांत क्षेत्र घोषित किया।
इसके बाद अफस्पा के अंतर्गत राज्यपाल की ओर से जम्मू, कठुआ, उधमपुर, पुंछ, राजौरी और डोडा जिले को भी अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था। अफस्पा रियासत में अभी भी लागू है और इसके तहत अशांत क्षेत्रों को अधिसूचित किया गया है।