अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी की देश विरोधी गतिविधियों की विश्व हिंदू परिषद की प्रदेश इकाई ने कड़ी निंदा करते हुए 14 जून के गिलानी के सेमीनार को एक और राष्ट्र द्रोह बताते हु़ए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विहिप मुख्यालय शक्ति आश्रम में बुधवार को पत्रकार वार्ता में संरक्षक डा. रमाकांत दुबे ने कहा कि अलगाववादी और आतंकवादी लोगों के 14 जून को सेमीनार से सईद अली शाह गिलानी राष्ट्र के संयम की एक बार फिर परीक्षा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर से हिंदुओं को बाहर निकालने के बाद गिलानी ने भारत विरोधी गतिविधियों को लगातार जारी रखा और देश के खिलाफ जहर उगलते रहे।
हद तो अब हो गई है कि अकाली दल के सिमरनजीत सिंह मान, दल खालसा के कंवर पाल सिंह, कुछ ईसाई लोगों आदि को गिलानी ने सेमीनार के लिए न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि ये ऐसे लोग हैं, जो कि भारत के खिलाफ आग उगलते रहे हैं। उन्होंने कहा जब तक गिलानी जैसे लोगों को सख्ती से नहीं निपटा जाएगा, वह देश विरोधी साजिशें करते रहेंगे।
दुबे ने केंद्र और रियासती सरकार से अपील की कि वह देश हित में गिलानी जैसे लोगों को देश से बाहर निकालें, ताकि आतंकवादी और अलगाववादी तत्त्वों को स्पष्ट संदेश जाएं।