जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुधवार को सीमावर्ती जिले पुंछ के एक सरकारी स्कूल का नाम शहीद पैराट्रूपर हवलदार अब्दुल माजिद के नाम पर रखा। मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) बिशंबर दास ने शहीद हवलदार अब्दुल माजिद सरकारी हाई स्कूल अजोट के रूप में नामित स्कूल का उद्घाटन किया।
बलिदानी अब्दुल माजिद का परिवार एलओसी पर जीरो-लाइन स्थित अजोट गांव में रहता है। दास ने कहा कि स्कूल के नए नाम से छात्रों में गर्व और देशभक्ति की भावना पैदा होगी। शहीद अब्दुल मजीद से प्रेरणा लेकर यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में समृद्ध इतिहास और देश के लिए किए गए बलिदानों के प्रति जुड़ाव पैदा होगा।
उन्होंने कहा कि सेना के एक बहादुर हवलदार अब्दुल माजिद ने अद्वितीय साहस और समर्पण का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की सेवा में पिछले साल राजोरी के कालाकोट में आतंकियों से लोहा लेते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।
उन्होंने कहा कि शहीद की स्मृति को अमर बनाने की इच्छा से सरकार ने उनके सम्मान में हाई स्कूल का नाम बदलने का सराहनीय कदम उठाया है। स्कूल का नाम बदलने का निर्णय हमारे सशस्त्र बलों के कर्मियों द्वारा किए गए बलिदानों को श्रद्धांजलि देने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि यह भाव वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में काम करेगा, जिससे राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
नामकरण समारोह में पुंछ जिला शिक्षा और योजना अधिकारी नरिंदर मोहन सूरी, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, स्कूल स्टाफ और दिवंगत हवलदार के परिवार के सदस्य शामिल हुए। जानकारी के अनुसार माजिद पिछले साल 22 और 23 नवंबर को राजोरी जिले के कालाकोट के बाजीमल इलाके के जंगल में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। उस गोलीबारी में अफगानिस्तान में प्रशिक्षित लश्कर-ए-ताइबा (एलइटी) के एक शीर्ष कमांडर सहित दो आतंकवादी मारे गए थे।