शीतकालीन राजधानी जम्मू के लोगों के लिए प्रतिष्ठित चिनाब पेयजल परियोजना फंड के फेर में फंस कर रह गई है। प्रोजेक्ट की डीपीआर और कंसल्टेंसी पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी रियासत सरकार परियोजना के लिए 1008 करोड़ की राशि का जुगाड़ नहीं कर पाई है।
एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) पहले से ही परियोजना को लोन देने से मना कर चुका है। प्रधानमंत्री के 80 हजार करोड़ के पैकेज में से भी चिनाब पेयजल परियोजना के लिए कोई राशि आवंटित नहीं होने से परियोजना के ठंडे बस्ते में जाने तक की स्थिति पैदा हो गई है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शीतकालीन राजधानी जम्मू के विस्तारीकरण के चलते यहां तवी नदी और अन्य जल स्रोतों से लोगों की पेयजल की जरूरतें अब पूरी नहीं हो पा रही हैं। पीएचई विभाग सभी स्रोतों से करीब 45.50 एमजीडी पेयजल उपलब्ध करवा रहा है, जबकि पेयजल की मांग यहां पर बढ़कर 48 मिलियन गैलन प्रतिदिन से भी पार हो चुकी है।