आईएसआईएस और फ्रीलांस टेरेरिज्म के बढ़ रहे नेटवर्क से देश की सुरक्षा को खतरा बताते हुए मेजर जनरल (रिटायर्ड) राजिंद्र सिंह मेहता ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए देश में अलग मंत्रालय की जरूरत है। इसके अलावा वक्ताओं ने अमेरिका की तर्ज पर टास्क फोर्स की जरूरत भी दर्शाई है।
सुरक्षा विकास जागरण एकता मंच की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा की गतिशीलता विषय पर जम्मू में सेमीनार में मेजर जनरल रिटायर्ड मेहता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब केवल सीमाओं को सुरक्षित करने से नहीं है। इसमें अर्थव्यवस्था से लेकर सियासी स्तर पर भी साथ मिलकर मजबूत होने की जरूरत है।
महिलाओं को भी इस अहम विषय में शामिल किया जाना चाहिए। देश की सुरक्षा को आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के अलावा फ्रीलांस टेरेरिज्म से भी खतरा है। इससे निपटने के लिए अलग से मंत्रालय तैयार होना चाहिए।
आईपीएस रिटायर्ड डा. अशोक भान ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बाहरी और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है। सभी सुरक्षा एजेंसियों में आपसी समन्वय होना चाहिए। अमेरिका की तर्ज पर टास्क फोर्स बननी चाहिए।