पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के बहुचर्चित अपहरण प्रकरण और एयरफोर्स कर्मियों की हत्या के मामले में टाडा कोर्ट ने जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष अमानुल्ला खान सहित अन्य लोगों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए हैं। यह मामला 1990 का है।
शुक्रवार को टाडा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी सुभाष गुप्ता ने जेकेएलएफ के चीफ अमानुल्ला खान, जावेद मीर, डॉ. गुलाम कादिर और अब्दुल रहमान डार के अरेस्ट वारंट जारी किए। इसके अलावा कोर्ट ने रियाज भट, खुर्शीद अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, तारिक अशरफ, शफात अहमद, मंजूर अहमद उर्फ नान, अब्दुल मजीद भट, निसार अहमद, मोहम्मद याकूब, एम एस हलीमा, जावेद इकबाल मीर, मोहम्मद याकूब पंडित और गुलाम मोहम्मद के खिलाफ रूबिया मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
शुक्रवार को जब मामले पर सुनवाई हुई तो जज ने दोनों तरफ की दलीलें सुनीं। जज ने कहा कि कोर्ट में शौकत बक्शी मोहम्मद, जावेद अहमद मीर, मंजूर अहमद सोफी, जावेद अहमद जरगर और अली मोहम्मद मीर उपलब्ध नहीं है। इनके पेश न होने का आवेदन आया था। इसलिए आज की तारीख में से इनका नाम हटाया जाता है। सीबीआई ने उक्त आरोपियों को अरेस्ट करने संबंधी आवेदन जारी किया था। 1991 से उक्त आरोपियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट नहीं था।
कोर्ट ने सीबीआई का आवेदन मंजूर करते हुए आरोपियों को पकड़ने की मंजूरी दी। इनके खिलाफ 512 के तहत क्रिमिनल प्रोसिडिंग चल रही है। वहीं इस मामले में शामिल यासिन मलिक के खिलाफ भी कोर्ट में पेश करने के आदेश जारी हुए थे। जेल विभाग को वारंट के आदेश देरी से मिले थे। अब दोबारा से नए सिरे से वारंट जारी करने का आवेदन किया गया है।