नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि टी20 क्रिकेट विश्वकप में भारत पर पाकिस्तान की जीत का कथित तौर पर जश्न मनाने के आरोप में गिरफ्तार तीन कश्मीरी छात्रों के प्रति आगरा में वकीलों का व्यवहार अस्वीकार्य है। इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि वीरवार को आगरा में कश्मीरी छात्रों की पेशी के दौरान वकीलों ने जिस तरह का व्यवहार किया वह अस्वीकार्य है। इस मामले में पुलिस की भूमिका बेहद संदिग्ध है। उन्होंने लिखा कि कश्मीरी छात्रों से दोस्ती करने के बजाय चुनाव के समय उनका राजनीतिक चारे के रूप में इस्तेमाल कर कुछ लोग खुश हैं।
वीरवार को अदालत से बाहर आने के दौरान कुछ लोगों द्वारा कश्मीरी छात्रों के साथ बदसलूकी की खबरों का जिक्र कर रहे थे। अब्दुल्ला ने कॉलेज के अधिकारियों द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बाद भी तीन छात्रों को गिरफ्तार करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाया।
उनका कहना है कि कॉलेज के अधिकारियों ने इन छात्रों को क्लीन चिट दे दी है और पुष्टि की है कि उन्होंने कोई नारा नहीं लगाया। कॉलेज के रिपोर्ट की अनदेखी कर यूपी पुलिस इन गरीब बच्चों को प्रताड़ित कर रही है।
महबूबा मुफ्ती भी कर चुकी हैं गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों की रिहाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार आगरा में गिरफ्तार किए गए कश्मीरी छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की है। आरोपियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए व्हाट्सएप स्टेटस पोस्ट किया था। पीडीपी अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई निंदनीय है। जम्मू-कश्मीर में दो साल के दमन के बाद की स्थिति से केंद्र सरकार को अब तो कुछ सीखना चाहिए और बदलाव लाना चाहिए।