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भाजपा से हाथ मिलाने से भी परहेज: उमर अब्दुल्ला

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के प्रति तल्ख तेवर दिखाते हुए साफ किया कि दोस्ती तो दूर की बात है, मैं भाजपा के साथ हाथ मिलाने से भी परहेज करूंगा। वैसे उनका रवैया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कुछ अलग दिखा।
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उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री होने के नाते मोदी जब चाहे कश्मीर आ सकते हैं, हम उनका स्वागत करेंगे।

दिनभर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीब रहने के बाद जब कुछ पत्रकारों ने उमर से नेशनल कांफ्रेंस और भाजपा के नजदीक आने की संभावना के बारे में पूछा तो उनका उत्तर था कि नजदीकियां तो दूर की बात हैं, मैं तो भाजपा से दूर रह कर हाथ मिलाने से भी परहेज करूंगा।

'भाजपा का रवैया करीब जाने वाला नहीं'

भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित शाह पर भड़ास निकालते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने उनकी पार्टी, यहां तक कि मेरे परिवार के विषय में भी बहुत कुछ कहा है और ऐसी परिस्थितियों के बीच भाजपा के करीब आने के बारे में विचार भी नहीं किया जा सकता। भाजपा का रवैया उसके करीब जाने वाला नहीं है।

वैसे प्रधानमंत्री के बारे उनकी राय कुछ अलग देखने को मिली। प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद राज्य के दो दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। वह जब चाहे यहां आ सकते हैं। हम उनके स्वागत के लिए हमेशा तैयार हैं।
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जम्मू में वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास कर रही भाजपा

उमर ने अरोप लगाया कि भाजपा राज्य विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू में वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास कर रही है।

वह जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांट रही है ताकि एक समुदाय विशेष का वोट वह हासिल कर सके। मुसलमानों तथा गैर मुसलमानों के बीच भाजपा लकीर खींचना चाहती है।

उमर ने कहा कि भाजपा के लिए यह नई बात नहीं है। हालही के लोकसभा चुनाव में भी वह इस खेल को अंजाम दे चुकी है।
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