राजोरी के जिला अस्पताल में कैंसर के एक मरीज को एंबुलेंस के लिए चार घंटे तक इंतजार कराया गया। यहां मरीज की जान पर बनी थी और अस्पताल प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
इससे गुस्साए तीमारदारों ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की पिटाई कर दी और अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। हंगामे के बाद मरीज को पुलिस विभाग की एंबुलेंस में ले जाया गया, इस बीच उसकी जान चली गई।
इमरजेंसी छोड़ बाकी सेवाएं ठप
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पीटे जाने की घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। इमरजेंसी को छोड़कर अस्पताल में बाकी सेवाएं ठप कर दी गई हैं।
बहरोट थन्नामंडी के रहने वाले शमशीर मिर्जा के परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां डॉक्टरों ने कहा कि मरीज कैंसर की आखिरी स्टेज पर है और इनको घर ले जाओ।
तीमारदारों ने कहा कि वे मरीज को जम्मू मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहते हैं। करीब चार घंटे तक परिवार वाले एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन अस्पताल की ओर से एंबुलेंस नहीं दी गई।
मिर्जा की हालत काफी बिगड़ चुकी थी
नाराज परिवार वालों ने मेडिकल सुपरिंटेंडट महमूद अहमद के समक्ष विरोध जताया। परिवार वालों ने सुपरिंटेंडेंट के साथ गालीगलौज की और उनकी पिटाई भी कर दी।
गुस्साए परिवार वालों ने सुपरिंटेंडेंट के रूप से निकलने के बाद अस्पताल में रखी फोटोस्टेट मशीन, कंप्यूटर और कुर्सियां तक तोड़ दीं। इसके बाद वे अस्पताल से चले गए। मरीज शमीर मिर्जा पुलिस विभाग से रिटायर हो चुके हैं।
ऐसे में उनके परिवार वालों ने पुलिस से संपर्क किया। जिला पुलिस लाइन से उनको एबुंलेंस भी मिल गई, लेकिन तब तक मिर्जा की हालत काफी बिगड़ चुकी थी।
डॉक्टर्स ने दिया एक दिन का अल्टीमेटम
अभी मिर्जा को अस्पताल से एंबुलेंस में शिफ्ट ही किया गया था कि उनकी मौत हो गई। दूसरी ओर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के साथ मारपीट की घटना से नाराज अस्पताल के डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्टाफ हड़ताल पर चले गए।
अस्पताल प्रशासन ने जिला प्रशासन को आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एक दिन का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा को भी ठप करने की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल अस्पताल में इमरजेंसी सेवा को बहाल रखा गया है, जबकि अन्य सेवाएं ठप कर दी गई हैं।