72 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने जहां बीस साल पुराना रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है वहीं पूरे कश्मीर संभाग में भारी तबाही मची है। खराब मौसम लोगों को संभलने का अवसर नहीं दे रहा है। बारिश ने सरकार द्वारा शुरू किए गए राहत कार्यों को भी रोक कर रख दिया है। अभी तक चार लोगों के मरने की पुष्टि सरकारी तौर पर हुई और 100 के करीब गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर नजर रखे हुए हैं जबकि सेना लोगों की सहायता कर रही है।
पूरा कश्मीर इस समय जलमग्न है। नदी-नाले सब उफान पर है और उनमें पानी खतरे के निशान से कई फुट ऊपर बह रहा है। आलम यह है कि सरकारी तंत्र पंगु बन कर रह गया है, लेकिन उसके आलाधिकारी तथा कई मंत्री लोगों के बीच जाकर उनकी सहायता करने में जुटे हुए हैं। गांव तो गांव श्रीनगर शहर में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
कश्मीर संभाग के मंडलायुक्त, पुलिस के दूसरे अधिकारी, सभी जिला अधिकारी तथा जिला पुलिस प्रमुख लोगों की सहायता के लिए प्रभावित इलाकों में डेरा जमाए हुए हैं, लेकिन खराब मौसम ने राहत कार्यों की रफ्तार को रोक दिया है। सेना की मदद ली जा रही है। बारिश तथा तेज हवाएं वायुसेना के हेलीकाप्टरों को उड़ान भरने से रोक रही हैं।
खराब मौसम के कारण बचाव कार्यों में बाधा
कश्मीर के मंडलायुक्त रोहित कंसल ने बताया कि बारिश के कारण पैदा हुई बाढ़ में करीब 100 गांव फंसे हुए हैं। कुछ गांव ऐसे हैं जिनको चारों ओर से बाढ़ के पानी ने घेर लिया है और वहां तक पहुंचने के लिए हेलीकाप्टर ही एक माध्यम है। खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में देरी हो रही है।
सेना नागरिक प्रशासन की मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि मकान की छत गिरने से दो और लोगों के मरने से कश्मीर संभाग में मरने वालों की संख्या बढ़ कर चार हो गई है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में अभी भी कई गांव बाढ़ में घिरे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने सेना की मदद से बुधवार शाम से वहां बचाव अभियान शुरू कर रखा है, लेकिन नदियों के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के कारण अभी वहां के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर नहीं भेजा जा सका है।
खतरे के निशान से कई फीट ऊपर बह रही झेलम
बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से वीरवार शाम दी गई जानकारी के अनुसार झेलम नदी सभी इलाकों में खतरे के निशान से कई फीट ऊपर बह रही है और इसके जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। संगम में पानी का जलस्तर 30.7 फीट को पार कर गया है जो खतरे के निशान से 7 फीट अधिक बताया गया है।
अनंतनाग, पुलवामा बडगाम तथा श्रीनगर जिलों में भी इसके खतरे के निशान से कई फीट ऊपर बहने की सूचना दी गई है। मुंशीबाग इलाके में नदी 21.8 फीट के निशान को पार कर गया। इसके अलावा कई दूसरे नालों में भी बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। लगभग सभी नालों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है और लगातार हो रही बारिश के कारण इसके बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
बाढ़ पर नजर रखने को नियंत्रण कक्ष स्थापित
पल-पल की जानकारी हासिल करने तथा बाढ़ से पैदा हुई स्थिति पर नजर रखने के लिए सरकार ने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे स्थापित किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष में बाढ़ तथा नियंत्रण विभाग के अलावा दूसरे आवश्यक विभागों के अधिकारी 24 घंटे मौजूद रहेंगे। लोगों को जरूरत पड़ने पर 01942474040, 2452138 तथा 2455883 पर संर्पक करने के लिए कहा गया है।
वहीं कश्मीर संभाग के मंडलायुक्त रोहित कंसल ने लोगों को नदी-नालों के पास नहीं जाने की सलाह दी है। एक बयान जारी कर उन्होंने इसके किनारे बसे लोगोंको भी सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने के लिए कहा है। सरकार को यह कदम झेलम तथा दूसरी नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के बाद उठाना पड़ा है।