भारत चीन सीमा पर लद्दाख क्षेत्र में लगातार बन रहे गतिरोध के बीच एक अच्छी खबर भी आ रही है। उम्मीद है कि कई दिनों से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए आज दोनों देशों के सेनाधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हो सकती है।
हालांकि इसके लिए अभी जगह का चुनाव नहीं हुआ है। लेकिन दोपहर बाद चुसुल क्षेत्र में फ्लैग मीटिंग का आयोजन किया जा सकता है। जिसमें कई दिनों से चल रहे गतिरोध को खत्म करने की पहल की जा सकती है।
हालांकि इंडियन आर्मी की तरफ से इस संबंध में अभी कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन सूत्रों के अनुसार मीटिंग का आयोजन आज ही किया जाएगा। दूसरी ओर यह भी गौरतलब है कि इससे पूर्व हुई दो फ्लैग मीटिंग में इस मुद्दे का कोई भी हल नहीं निकल सका था।
डेमचक और चुमार में आमने-सामने हैं दोनों सेना
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से लगातार भारत चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनातनी की स्थिति बनी हुई है। खासकर डेमचक और चुमार क्षेत्र में पिछले पन्द्रह दिनों से भारतीय और चीन सेना आमने सामने है।
चीन ने शुरूआत में अपने 100 सैनिकों की संख्या को बढ़ाकर वहां अब एक हजार कर दिया है, जिसके बाद इंडियन आर्मी ने भी बार्डर पर जवानों की संख्या बढ़ा दी है। खबरों के अनुसार एलएसी पर रोज रोज भारतीय और चीन सेना आमने सामने आ जा रही है।
चीनी सेना लगातार बार्डर के नजदीक बन रही नहर का विरोध कर रही है, जिसके लिए उसने सेना के साथ साथ अपनी घुमंतू प्रजाति के नागरिकों को बार्डर पर ही अस्थाई रूप से लाकर बसा दिया है।
पूर्व की दो फ्लैग मीटिंग में नहीं निकला था हल
इसके बाद से ही बार्डर पर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। आलम ये है कि एलएसी पर तैनात चीनी सेना पर अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निर्देशों का भी कुछ खास असर नहीं पड़ रहा है।
हालांकि भारतीय सेना के सख्त रवैये और भारत सरकार के मामले में सख्त रुख अपनाने के बाद गत दिनों चीनी सेना ने फ्लैग मीटिंग की पेशकश की थी। जिसपर भारतीय खेमे ने भी नरम रुख अपनाया था।
इसी के बाद फ्लैग मीटिंग की रुपरेखा तैयार हुई थी। सूत्रों के अनुसार फ्लैग मीटिंग का आयोजन आज ही किया जाएगा। इस फ्लैग मीटिंग पर काफी लोगों की निगाहें टिकी हैं।