पिछले साल 12 अक्तूबर को लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्ला मारा गया। जोकि 2020 की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रास्ते से घुसपैठ कर घाटी में दाखिल हुआ था। वह सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमलों की योजना बनाने के साथ-साथ उन्हें अंजाम देने में भी शामिल था। 24 सितंबर 2020 को बडगाम जिले के चडूरा इलाके में सीआरपीएफ पर हमले को अंजाम दिया था। इसमें एक एएसआई शहीद हो हुआ था। इसके अलावा 5 अक्तूबर 2020 को पांपोर के कंडिजाल इलाके में भी सीआरपीएफ के दो जवानों की हत्या में उसका ही हाथ था। वह 14 अगस्त 2020 को नौगाम इलाके में दो पुलिस वालों की हत्या करने वाले समूह का भी हिस्सा था।