टीआरएफ के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार मददगारों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही बांदीपोरा जिले के हाजिन इलाके में पांच अक्तूबर को नायदखाई सूमो स्टैंड अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन उर्फ सोनू की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। आतंकियों ने इस दिन श्रीनगर में कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी एमएल बिंदरू तथा बिहार के गोलगप्पा विक्रेता वीरेंद्र पासवान के साथ ही सोनू की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने बताया कि बांदीपोरा पुलिस की एक विशेष टीम को मामले की जांच सौंपी गई थी। पूरी तरह से मानवीय और तकनीकी पुष्टि के बाद टीआरएफ से जुड़े आतंकवादियों के चार सहयोगियों को गिरफ्तार करके मॉड्यूल का भंडाफ ोड़ किया गया। गिरफ्तार टीआरएफ मददगारों में तारिक अहमद डार उर्फ तारिक खौचा, मोहम्मद शफ ी डार, मुदासिर हसन लोन और बिलाल अहमद डार उर्फ साहेब खौचा हैं। हालांकि, हत्या में शामिल आतंकवादियों का एक सहयोगी इम्तियाज अहमद डार उर्फ कोटरू फ रार है और उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की आशंका है।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि लोन की हत्या पाकिस्तान निवासी लश्कर-ए-ताइबा के हैंडलर लाला उमर के इशारे पर की गई। नापाक साजिश को अंजाम देने के लिए साजिश शाहगुंड, हाजिन इलाके के लश्कर-ए-ताइबा (टीआरएफ) मॉड्यूल द्वारा रची गई थी। मॉड्यूल ने पूरी तरह से रेकी की और उसकी सभी गतिविधियों पर करीब से नजर रखी गई। घटना के दिन एक मददगार ने सूमो स्टैंड अध्यक्ष को गुंडबून में बैठक के लिए बुलाया। इस दौरान पहले से घात लगाए मॉड्यूल के अन्य सदस्यों ने गोली मारकर हत्या कर दी।