कृषि विभाग जम्मू संभाग में केसर की पैदावार बढ़ाने को कितना गंभीर है, इसकी पोल खुल गई है। राज्य के केसर के लिए नेशनल सैफरन मिशन के तहत वर्ष 2014-15 के विकास प्लान की पहली किस्त जारी की गई है।
इसमें जारी किए प्लान में जम्मू संभाग को नाममात्र फंड मिला है। विभाग ने दावा किया था कि वह कश्मीर की तर्ज पर जम्मू संभाग में केसर की पैदावार को बढ़ाएंगे, लेकिन नई खेती तो दूर, मौजूद दायरे के लिए भी कुछ खास नहीं दिया गया।
मिशन के तहत पहली किस्त में 25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें कश्मीर कृषि विभाग को 23 करोड़ 99 लाख, कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय को 30.97 लाख और जम्मू को 65 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
बेशक केसर मुख्य रूप से कश्मीर में होता है, लेकिन जम्मू के किश्तवाड़ में भी केसर की खेती होती है। यहां पर केसर की अपार संभावनाएं हैं। कश्मीर संभाग में करीब 2000 हेक्टेयर पर केसर की खेती है।
इसमें पांपोर मुख्य रूप से शामिल है। किश्तवाड़ में करीब 200 हेक्टेयर पर खेती की जाती है। यहां पर 500 हेक्टेयर के क्षेत्र को कवर करने की योजना है, लेकिन इस मिशन में मिला पैसा किश्तवाड़ के लिए न के बराबर है। किश्तवाड़ के खाते में 65 लाख ही आए हैं। कृषि विभाग के आयुक्त सचिव की ओर से इसका आर्डर जारी किया गया है।