जिले में आग का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को जसरोटा गांव में लगी भीषण आग ने एक परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। खेतों में लगाई आग हवा के तेज झोंके से इस कदर रुख बदल गई कि इसमें आशियाने राख होते देर नहीं लगी।
दोपहर के बाद लगी इस आग को काबू करने पहुंचे अग्निशमन विभाग को तेज हवा के चलते कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग ने तीन कुल्लों और उसमें रखा सारा सामान राख के ढेर में बदल दिया। घर में रखा अनाज, कपड़े, बिजली उपकरण और नकदी आग की भेंट चढ़ गए।
मंगलवार को जसरोटा में एक गुज्जर समुदाय हंसते खेलते परिवार को न जाने किस की नजर लग गई। कुल्ले से सटे खेतों में लगाई आग कब रुख बदल गई किसी को पता भी नहीं चला। परिवार के मुखिया मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि मंगलवार दोपहर अचानक कुल्ले में आग भड़क गई।
परिवार के सभी सदस्य घर में ही थे। जैसे तैसे उन्होंने अपनी और परिवार के लोगों की जान बचाई, लेकिन हवा के चलते आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ भी सामान बचाने का समय नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि एक एक कर उनके आशियाने आंखों के सामने जलते रहे और परिवार के सदस्य सिर्फ चीखने और रोने के सिवा कुछ न कर सके। यूसुफ ने बताया कि स्थानीय लोगों ने चीख पुकार सुनकर मदद को हाथ बढ़ाया और इसी बीच अग्निशमन दस्ता भी पहुंच गया।
लेकिन आग पर जब तक काबू पाया गया तब तक सब कुछ जल चुका था। बदमिजाज मौसम में परिवार के सदस्यों के पास अब सिर ढकने के लिए भी कुछ सहारा नहीं है। गांव के लोग भी परिवार की इस बेबसी पर परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है।
उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों के पास न तो सिर ढकने के लिए छत है और न ही खाने के लिए अनाज। इस आग ने लाखों का नुकसान किया है, जिससे उबरने में पूरी जिंदगी लग जाएगी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।