घेरा सख्त होने पर एक मकान में छिपे आतंकी ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया। एसओपी का पालन करते हुए आतंकी को कई बार आत्मसमर्पण करने को कहा गया लेकिन उसने लगातार जवानों पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई से शुरू हुई मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली।
Pulwama Encounter jammu kashmir
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पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकी की शिनाख्त शोपियां के हेफ शिरमाल निवासी फि रोज अहमद डार के तौर पर हुई जो ए प्लस कैटेगरी का आतंकी था। हिजबुल मुजाहिदीन का यह आतंकी 2017 से सक्रिय था। आईजी विजय कुमार के अनुसार फिरोज का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है।
हैदरपोरा इलाके में मुठभेड़ के दौरान जवान।
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पुलवामा में इशरत की हत्या समेत कई घटनाओं में था शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मारा गया आतंकी सुरक्षाबलों पर हमले और नागरिकों पर अत्याचार सहित कई आतंकी गतिविधियों का हिस्सा था। दिसंबर 2018 में जैनापोरा में उसने अल्पसंख्यक सुरक्षा पोस्ट पर हमला किया था जिसमें 4 पुलिसकर्मियों की शहादत हुई और उनकी सर्विस राइफलें लूट ली गईं थी। वह फरवरी 2019 में डांगरपोरा पुलवामा निवासी मुनीर अहमद भट की बेटी इशरत मुनीर की हत्या में भी शामिल था।
वह अक्तूबर 2019 में फजिलिका पंजाब निवासी हंस राज के पुत्र चरनजीत नाम के एक गैर स्थानीय मजदूर की हत्या और अन्य को घायल करने में शामिल था जब वे शोपियां के जैनापोरा इलाके में एक वाहन में सेब की पेटियां लोड कर रहे थे। इसके अलावा उसने भोले-भाले युवाओं को आतंकवादी रैंकों में शामिल होने के लिए लुभाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।