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सिद्दड़ा, मझीन और रंगूड़ा में अतिक्रमण ने रोका विकास

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जम्मू। शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सिद्दड़ा, मझीन और रंगूड़ा में अतिक्रमण का बोलवाला है, जिससे जम्मू डेवलपमेंट अथारिटी (जेडीए) की आधा दर्जन से ज्यादा परियोजनाएं प्रभावित हैं। विकास कार्य रुक गए हैं। इन क्षेत्रों में बीस हजार कनाल जमीन अवैध कब्जों की जद में है। अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार जेडीए ने अभियान चलाए, लेकिन पथराव के कारण कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा है। इस कारण परियोजनाओं के लिए मंजूर राशि भी वापस (लैप्स) हो गई।
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इन इलाकों में जेडीए की ओर से हाउसिंग कॉलोनी, फ्लैट निर्माण, संस्थानों के भवन, दुकानें, हाल, कांप्लेक्स एवं पार्किंग परियोजनाओं का काम शुरू होना था, जिससे राजस्व में इजाफा होना था। इन इलाकों में अरबों रुपये की बीस हजार कनाल जमीन पर अतिक्रमण हो रखा है। अवैैध रूप से बने घरों में बिजली और पानी तक की सुविधा है। लेकिन यह जमीन जमीन जेडीए के नाम पर है।
जेडीए के अनुसार परियोजनाओं के निर्माण से क्षेत्रों का जहां विकास होना था वहीं, खूबसूरती भी बढ़नी थी। लोगों को रहने के लिए अनुकूल माहौल मिलना था। हाउसिंग कॉलोनी से लेकर फ्लैट निर्माण का काम होना है। इसी तरह कार्यालयों के लिए भवन निर्माण भी प्रस्तावित है। अब जमीन अतिक्रमण मुक्त होने के बाद ही परियोजनाओं पर नए सिरे से कार्य होगा।
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हाईकोर्ट ने भी लिया है कड़ा संज्ञान
हाईकोर्ट ने सिद्दड़ा सेटेलाइट टाउनशिप में हुए अतिक्रमण पर कड़ा संज्ञान लिया है। जेडीए को अतिक्रमणकारियों के नाम फाइनल करने और अभी तक हुई कार्रवाई बारे जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। मामले की पैरवी अधिवक्ता अंकुर शर्मा कर रहे हैं। इनके अनुसार जेडीए की कुल 19 हजार 124 कनाल जमीन पर अतिक्रमण है। रंगूड़ा, मझीन और सिद्दड़ा में अतिक्रमण है। 1993 में टाउनशिप के लिए जेडीए ने भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके बाद अतिक्रमण के कारण प्रोजेक्टों पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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क्षेत्रों में जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। अब आदेशों के तहत जमीन को खाली करवाया जाएगा। यहां पर जेडीए परियोजनाओं पर काम शुरू करवाएगा।
- पंकज मंगोत्रा, वीसी, जेडीए
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