उन्होंने बताया कि एक सूचना के आधार पर सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ के जवानों ने एक विशिष्ट सूचना के आधार पर वन क्षेत्र में एक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाया।
इस दौरान इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया गया जिसके चलते इलाके में छिपे आतंकवादियों और जवानों के बीच 'फर्स्ट कांटेक्ट' हुआ। दोनों ओर से थोड़ी देर तक फायरिंग हुई लेकिन आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल के भीतर भाग निकले। जम्मू कश्मीर पुलिस के कश्मीर जोन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एसओजी, सेना और सीआरपीएफ एक संयुक्त ऑपरेशन चला रही है। अंधेरा हो गया है, कोशिश की जाएगी कि सख्त घेराबंदी रखी जाए ताकि आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग न जाएं।
गौरतलब है कि आखिरी खबरें मिलने तक इलाके में ऑपरेशन जारी था। बता दें कि यह घाटी में पिछले पांच दिनों में दूसरा ऑपरेशन है। इससे पूर्व श्रीनगर के दाछीगाम में एक ऑपरेशन के दौरान लश्कर के एक कमांडर सहित तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया जिनके पास से एक एम 4 कार्बाइन असाल्ट राइफल सहित दो एके राइफल और अन्य हथियार और गोला बारूद किया गया।