पुंछ जिले के भाटादूड़ियां जंगल में सोमवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फिर मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबल 15 दिनों से आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। इससे पहले रविवार को आतंकियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा को साथ लेकर गए सुरक्षा बलों पर दहशतगर्दों ने हमला कर दिया था।
फायरिंग में मुस्तफा की मौत हो गई, जबकि पुलिस के दो व सेना का एक जवान घायल हो गया। सूत्रों का कहना है कि मुस्तफा को पुलिस की वर्दी में ले जाया गया था। आतंकियों ने उसे भी पुलिस समझ कर फायर कर दिया। मुस्तफा पुलवामा में 22 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार में शामिल था।
मुस्तफा को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वर्ष 2003 में गिरफ्तार किया था। वह पाकिस्तान के रावलाकोट का रहने वाला था और पुलवामा में लश्कर का एक प्रशिक्षित कमांडर था। 2007 में इसे जम्मू की कोट भलवाल जेल में भेज दिया गया था। मुस्तफा 2003 से पहले पुंछ और राजोरी जिलों में आतंकियों को घुसपैठ कराकर उनको एक गुप्त रूट से कश्मीर पहुंचाता था।
इस रूट की पूरी जानकारी होने के कारण पीओके में बैठे आतंकियों ने मुस्तफा से संपर्क साधा और उसके जरिये पुंछ के जंगलों में आतंकी हमलों को अंजाम दिया। मुस्तफा के मारे जाने संबंधी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की गई है। वहीं, सेना और पुलिस एसओजी ने घेराबंदी और कड़ी कर दी है।