गर्मी के तेवर दिखाने के साथ बिजली ढांचे पर ओवरलोड भी बढ़ गया है। रियासत के ग्रीष्मकालीन जोन के अंतर्गत आने वाले इलाकों में गर्म मौसम में अब तक सौ मेगावाट बिजली की अतिरिक्त मांग बढ़ गई है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संभाग के ग्रीष्मकालीन जोन के अंतर्गत आने वाले इलाकों में करीब सौ मेगावाट बिजली की मांग बढ़ जाने से ढांचे पर ओवरलोड हो गया है। आने वाले दिनों में गर्मी ओर बढ़ने से बिजली की मांग ओर बढ़ेगी।
रियासत में मौजूदा समय में बिजली की मांग 2600 मेगावाट के भी पार पहुंच चुकी है जबकि उपलब्धता 1500 से 1600 मेगावाट के बीच ही है। करीब एक हजार मेगावाट के अंतर की वजह से आने वाले दिनों में अघोषित कटौती बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है।
मौजूदा समय में बिना इलेक्ट्रानिक मीटर लगे इलाकों में रोजाना आठ घंटे की शेड्यूल कटौती हो रही है जबकि इलेक्ट्रानिक मीटर लगे इलाकों में शेड्यूल कटौती का तो कोई प्रावधान नहीं रखा गया है, लेकिन जरूरत के हिसाब से दो में दो से पांच घंटे तक कटौती हो रही है।
उपमुख्यमंत्री एवं बिजली मंत्री डा. निर्मल सिंह के अनुसार कोशिश की जा रही है कि लोगों को गर्मी में बिजली के लिए ज्यादा परेशान न होना पड़े। बिजली विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।