सरकार ने एक महीने के भीतर आठ लाख घरो में हर घर नल से जल का लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी हितधारकों की मदद से कार्यान्वयन सहायता एजेंसियां के माध्यम से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। इस समय पाइप के जरिए सप्लाई होने वाला पानी प्रति व्यक्ति 55 लीटर पहुंच रहा है। प्रदेश में उक्त योजना को प्रभावी बनाने के लिए 5774 पानी समितियां/ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां और 6887 गांवों के लिए 5427 ग्राम कार्य योजनाएं बनाई गई हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि हर व्यक्ति को स्वच्छ और पर्याप्त पानी का अधिकार है। हालांकि पिछले डेढ़ वर्षों में स्वच्छ पेयजल तक पहुंच बढ़ाने में पर्याप्त प्रगति हुई है, लेकिन गांवों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित पानी प्रदान करने के प्रयास तेज करने की आवश्यकता है। एलजी ने कहा कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाकर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा एक व्यापक कार्य योजना क्रियान्वित की जा रही है।
जल शक्ति विभाग द्वारा नियमित बैठकें आयोजित कर ग्राम पंचायत/पानी समितियों को स्वामित्व और संवेदनशील बनाया जा रहा है। पानी समितियों के सदस्यों को भी एफटीके किट प्रदान किए गए हैं, और उन्हें नियमित आधार पर पानी की गुणवत्ता परीक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस योजना के तहत बीते वर्ष 2.16 लाख घर कवर किए गए हैं।