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दो वर्ष बाद छोटे बच्चे भी पहुंचे स्कूल

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स्कूल खुलने पर वच्चो के माथे पर तिलक लगाते शिक्षक - फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा /मीरां साहिब। कोरोना के मामलों में गिरावट आने के बाद राज्य प्रशासन के आदेश पर उपजिले में सोमवार से आठवीं से छोटी कक्षाओं तक के सभी स्कूल खुल गए। हालांकि पहले दिन स्कूलों में बच्चों की काफी कम संख्या पहुंचे। दो वर्ष बाद छोटे बच्चे स्कूलों में पहुंचने पर काफी खुश दिखे।
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पहले दिन स्कूलों में पहुंचने वाले विद्यार्थियों का कई स्कूलों में भव्य स्वागत किया गया। काफी समय के बाद अपने सहपाठियों से मिले विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे। बच्चे सहित अध्यापक भी स्कूल में पहुंचने पर उत्साहित दिखे। छात्रा पलक ने बताया कि स्कूल आने पर बहुत अच्छा लग रहा है। घर पर ऑनलाइन कक्षाओं में वो सहपाठियों से नहीं मिल पा रही थीं। साथ ही पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। आज से स्कूल खुलने पर अच्छा लगा और आगे की शिक्षा ग्रहण करने के लिए भी बेहतर बताया। सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। स्कूलों में आए विद्यार्थियों को सैनिटाइजर दिया गया, ताकि वे कक्षाओं में अपने हाथ सैनिटाइज कर सके।
न्यू ब्रिलियंट पब्लिक हाई स्कूल कोटली गलावना में विद्यार्थियों की थर्मल जांच करने के साथ उनके माथे पर तिलक लगा स्कूल में पहुंचे पर स्वागत करने के उपरांत ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश किया। मीरां साहिब के नेशनल पब्लिक स्कूल में पहुंचे रमण खन्ना, नीतिका शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी पर नियंत्रण होने पर स्कूल में पहुंचने पर अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब कक्षाओं में बैठ पढ़ाई करना बेहतर रहेगा।
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सरकारी स्कूलों में पहले दिन गैर सरकारी स्कूलों की तरह काफी कम बच्चे पहुंचे। स्कूल खुलने से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली और विनोद कुमार ने कहा कि घरों में रहकर बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। स्कूल खुलने पर सरकार के फैसले को सराहा।
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कोविड की पाबंदियों के बीच अब सोमवार से स्कूल समेत सभी शिक्षण खुल गए हैं। इसके लिए शिक्षकों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
-कमला देवी, जोनल शिक्षा अधिकारी, आरएस पुरा
पहले दिन साठ फीसदी रही उपस्थिति
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
अरनिया। कोविड मामलों में कमी आने से करीब दो वर्षों बाद खुले माध्यमिक शिक्षा संस्थानों में सोमवार से एक बार फिर रौनक लौटना शुरू हो गई। क्षेत्र के कई गांवों में मोबाइल सिगनल की कमी से जूझ रहे अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
प्रशासन की तरफ से सोमवार को आठवीं कक्षा तक के शिक्षण संस्थान खोले जाने के आदेश के बाद सरकारी व निजी शिक्षा संस्थानों को रविवार को सैनिटाइज किया गया। ब्लैक बोर्ड को काली सियाही से पोता गया। सोमवार को पहले दिन निजी शिक्षण संस्थानों में 80 से 90 व सरकारी शिक्षा संस्थानों में 40 से 60 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।
क्षेत्र के कई गांवों में कमजोर मोबाइल सिगनल से बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा से चिंतित अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। मदन लाल, राजिंदर सिंह, नरेश कुमार, अमित कुमार, रघुनाथ भगत व पुष्प राज आदि अभिभावकों का कहना है कि कोविड के चलते दो वर्ष से चल रही ऑनलाइन शिक्षा कमजोर मोबाइल सिगनल से प्रभावित हो रही थी। मगर स्कूल खुलने से ऑफलाइन शिक्षा की शुरुआत होने से हमारे बच्चों को लाभ मिलेगा, जिससे हमें काफी राहत मिलेगी।
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