जम्मू। नई शिक्षा नीति अप्रैल से लागू हो गई है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में अब प्री प्राइमरी कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने, निपुण भारत और विद्या प्रवेश कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (डाइट) प्रशिक्षण दे रहा है।
जम्मू जिलों के 15 जोन में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डाइट ने पहले फेज में अभी तक 13 जोन में 650 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। इसके बाद दूसरे चरण के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर ब्लॉक में 50 शिक्षकों के बैच को संसाधन व्यक्ति प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसमें शिक्षकों को नई व्यवस्था के तहत कैसे बच्चों को पढ़ाएं, खेल-खेल में कैसे रचनात्मक गतिविधियां करें सहित अन्य विभिन्न पहलुओं से रूबरू करवाया जा रहा है। जम्मू जिले में हर ब्लॉक में शिक्षकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें प्राइमरी, मिडिल और हाई सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा एक से तीन के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तैयार किया है। डाइट प्रिंसिपल जम्मू रोशन लाल ने कहा कि हम पहले चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने वाले हैं। इसके बाद दूसरे चरण का शुरू होगा। प्रशिक्षण में शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के तहत शुरू की गई पहलों को प्रभावी कार्यान्वयन के लिए तैयार किया जा रहा है।
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क्या है निपुण भारत
निपुण भारत अभियान के तहत स्कूली बच्चों को समग्र विकास एवं बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराना है। प्राइमरी स्कूलों में इसे लागू किया गया है। कक्षा तीन में पढ़ने वाले बच्चों में भाषा व गणित में दक्षता बढ़ाने के लिए मिशन निपुण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
विद्या प्रवेश कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के तहत स्कूल में दाखिला लेने से पहले छोटे बच्चों को तीन महीने का रिफ्रेशर कोर्स करवाया जाता है। इसमें बच्चों को स्कूल में बैठने के तौर तरीके सिखाए जाते हैं।