नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला के बाद पीडीपी प्रमुख व जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसा है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महबूबा को पूछताछ के लिए 15 मार्च को दिल्ली में ईडी मुख्यालय में पेश होने का समन जारी किया है। 60 वर्षीय पीडीपी नेता को करीब एक साल से अधिक हिरासत में रखने के बाद पिछले साल रिहा किया गया था।
महबूबा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महबूबा को मनी लॉन्ड्रिंग के किस मामले में तलब किया गया है। इस बीच पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन (पीएजीडी) के अध्यक्ष व नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा को ईडी की ओर से तलब किए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध जम्मू-कश्मीर के माहौल को सुधारने में मददगार नहीं हो सकता है। केंद्र को इस प्रकार के प्रतिशोध की कार्रवाई को तत्काल बंद करना चाहिए और राजनीतिक प्रक्रिया को सुचारु चलने के लिए अनुमति देनी चाहिए।
महबूबा के करीबी युवा विंग के अध्यक्ष को एनआईए ने किया था गिरफ्तार
पिछले दिनों एनआईए ने महबूबा के करीबी पीडीपी युवा विंग के अध्यक्ष वहीद पारा को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी को महबूबा के दक्षिणी कश्मीर से लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान पैसे देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। माना जा रहा है कि इसी मामले में उन्हें समन किया गया होगा। पारा ने जेल में रहते हुए ही डीडीसी सदस्य का चुनाव जीता है।