जम्मू संभाग के अरनिया सेक्टर में सोमवार सुबह एक ड्रोन देखा गया। जिसकी सूचना पर पुलिस और बीएसएफ की टीम तलाशी अभियान चला रही है। अभी तक कोई बरामदगी नहीं हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अरनिया सेक्टर में सैनिकों द्वारा आसमान में लाल और पीली रोशनी देखी गई। जिसको निशाना बनाते हुए सैनिकों ने 25 राउंड फायरिंग की। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर चला गया।
बता दें कि नियंत्रण रेखा(एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा(आईबी) पर सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से घुसपैठ में नाकाम पाकिस्तान ड्रोन का सहारा ले रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब तक पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिश करता है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने और विशेषकर इसी साल फरवरी महीने में हुए सीजफायर समझौते के बाद से ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। घाटी में अमन बहाली से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसी के चलते सीमा पार से आतंकी वारदातों को अंजाम देने और आतंकियों तक हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है।
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पढ़ें जम्मू हवाई अड्डे के वायुसेना बेस पर हमले से लेकर अब तक पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए की गईं नापाक हरकतों के बारे में...
- 27 जून को जम्मू हवाई अड्डे के वायुसेना बेस पर दो कम-तीव्रता वाले विस्फोटों में वायु सेना के दो जवान घायल हुए। हमले को अंजाम देने के लिए दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे एक इमारत की छत को नुकसान हुआ। ये दोनों विस्फोट पांच मिनट के अंतराल में हुए।
- 29 जून को, पुलिस ने श्रीनगर जिले में डल झील के ऊपर एक ड्रोन को देखा और जब्त किया।
- 29 जून को सुरक्षाबलों ने जम्मू जिले में सुंजवां सैन्य स्टेशन के पास कुंजवानी, सुंजवां और कालूचक में ड्रोन देखा।
- 29-30 जून की मध्यरात्रि के दौरान जम्मू जिले के अंतर्गत आने वाले मीरा साहिब, कालूचक क्षेत्र और कुंजवानी क्षेत्र के खारियन इलाके में नागरिकों द्वारा तीन ड्रोन अलग-अलग देखे गए।
- 30 जून को सुरक्षाबलों ने जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ अखनूर के परगवाल इलाके में एक संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखी।