वार्षिक नाट्यउत्सव के तहत अभिनव थियेटर में हिंदी नाटक ‘पतझड़’ का मंचन किया गया। एमएम अजर आलम द्वारा अनुवादित और गुरमीत जम्वाल निर्देशित नाटक में टूटे सपनों की कहानी को दिखाया गया है। कलाकारों ने नाटक का जीवंत मंचन किया। यह नाटक टेनेसी विलियम्स की द ग्लास मैनेजरी पर आधारित एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसमें परिवार का मुखिया जिम्मेदारियों से विमुख हो जाता है। पतझड़ नाटक की कहानी देश के असंख्य मध्यमवर्गीय परिवारों की इच्छाएं, आकांक्षाएं और आशाओं की कहानी है, जो पतझड़ के पत्तों की तरह झड़ जाती हैं और फिर जीवन में बचा रहता है असंतोष।
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नाटक में एक छोटे परिवार को दिखाया गया, जिसमें अमांडा, उसका बेटा टॉम और बेटी लॉरा रहती है। पूरा परिवार टॉम की कमाई पर निर्भर होता है। टॉम परिवार का अच्छा पालन पोषण भी चाहता है, लेकिन उसके अपने भी सपने हैं, जिनको पूरा करने को लेकर उत्साहित रहता है। टॉम अपने पिता के नक्शे कदमों पर चलते हुए घर छोड़कर चला जाता है। कई वर्ष पहले उसके पिता ने भी घर छोड़ दिया था। नाटक में दिखाया टॉम की मां घर को सहजने की कोशिश करती है, लेकिन तमात कोशिशों के बाद वह असफल हो जाती है।