रेशमघर में स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के यूपीएस बैंक में आग लगने की घटना की जांच से जांच सदस्यों ने पल्ला झाड़ लिया है। तीन सदस्यीय कमेटी में शामिल एक एचओडी डा. एसके बाली ने खुद को तकनीकी अधिकारी का तर्क न देकर कमेटी छोड़ दी है। कमेटी के अन्य सदस्यों में जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के साथ मैकेनिकल विंग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शामिल हैं। पिछले चार दिन से इस घटना में कोई जांच नहीं हो पाई है।
डा. बाली के अनुसार कमेटी में उन्हें शामिल न करने के लिए उन्होंने लिखित में प्रिंसिपल को दिया है। उनका कहना है कि वह यूपीएस विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में जांच की बारीकियों तक नहीं पहुंचा जा सकता है। इसके लिए यूपीएस विशेषज्ञों से ही जांच करवाई जाए। सुपर स्पेशलिटी के यूपीएस बैंक में गत रविवार को आग लगने से 117 छोटी बड़ी बैटरियां जलकर राख हो गई थीं।
इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। यूपीएस बैंक से जली हुई बैटरियों को निकाल लिया गया है। बुधवार को चौथे दिन भी अस्पताल के विंग ए और विंग बी के आधे हिस्से में बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई।
तीसरे दिन भी कोई आपरेशन नहीं हो पाए। आईसीयू भी बंद रखा गया है। यूपीएस बैंक के जल जाने से अस्पताल के महत्वपूर्ण यूनिटों में स्पोर्टिंग बैकअप नहीं है।