डोडा जिले के देसा वन क्षेत्र में आतंकी ऊंचाई वाले स्थानों पर बनी बक्करवालों के अस्थायी निवास (ढोक) में शरण लिए हुए हैं। वह एक बार फिर बड़े हमले के इंतजार में हैं। मंगवार रात चार घंटे के अंतराल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच दो बार मुठभेड़ हुई। दोनों ही मामलों में संक्षिप्त गोलीबारी के बाद आतंकी जंगल में जा छिपे हैं।
सुरक्षाबलों ने बुधवार को तलाशी अभियान के दौरान गंदोह इलाके से दो मोर्टार शेल बरामद किए हैं। जंगलों में श्वान दल, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और विशेष पैरा कमांडों के साथ अतिरिक्त सुरक्षाबल दहशतगर्दों की तलाश में जुटे हैं।
सूत्रों के अनुसार, डोडा जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर देसा वन क्षत्र में मंगलवार की रात पहली बार आधी रात को कलां भाटा में वीडीजी (विलेज डिफेंस गार्ड ) और फिर पंचन भाटा के पास आधी रात के बाद करीब 2 बजे गोलीबारी की सूचना मिली।
यह वही जगह है जहां सोमवार और मंगलवार की रात को कैप्टन बृजेंद्र समेत सेना के चार जवान बलिदान हुए थे। इस गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि अंधेरे, दुर्गम इलाके और घने जंगल का फायदा उठाकर आतंकी भागने में सफल रहे।