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'अंतरजातीय निकाह पर विवाहित जोड़े को तंग न करें'

Fri, 10 Jun 2016 10:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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कोर्ट - फोटो : Demo Pic.
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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने नाबालिग अगवा और अंतरजातीय निकाह करने के मामले में एसएसपी राजोरी और एसएचओ कालाकोट को आदेश दिया कि वह नवविवाहित जोड़े को तंग न करें। कोर्ट में नवविवाहित जोड़े ने पेश होकर दावा किया कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से उन्होंने विवाह किया है।  
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न्यायाधीश ताशी रबसटन ने कालाकोट पुलिस स्टेशन में दर्ज लड़की के अगवा होने के मामले की एफआईआर पर गौर किया। एडवोकेट शेख शकील और एडवोकेट एनडी काजह की दलीलों पर पाया कि एक व्यक्ति निवासी तत्तापानी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बेटी को लियाकत ने अगवा कर लिया है, जबकि दोनों पति-पत्नी के तौर पर रहते हैं।

लियाकत के वकील ने कहा कि उसके मुवक्किल के खिलाफ गलत मामला दर्ज किया गया है। लड़की के पिता ने गलत रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी बेटी नाबालिग है और अगवा किया गया है। दोनों मुस्लिम धर्म से हैं। केवल इतना फर्क है कि एक गुज्जर समुदाय से है और दूसरा बक्करवाल। लड़की की उम्र 20 साल से अधिक है।
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मेडिकल बोर्ड ने भी इसकी रिपोर्ट दी है। स्कूल सर्टिफिकेट में भी लड़की की जन्मतिथि 8 अप्रैल, 1999 है। अनुसूचित जनजातियों की लड़कियों के लिए मोबाइल स्कूल खोले गए। इस स्कूल में ही लड़की ने शिक्षा हासिल की है। लड़की के परिवार वालों से लगातार धमकी मिल रही है। लड़की के पिता ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी उम्र 16-17 साल है। जो जांच के बाद गलत निकला।

लियाकत के एडवोकेट राहुल पंत ने दलील दी कि  लड़की दबाव में है। गुजरात हाईकोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया गया। स्कूल के हेडमास्टर व राजोरी जिला अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में भी लड़की बालिग है। वह अपनी मर्जी से फैसला ले सकती है। सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद एफआईआर पर कार्रवाई पर रोक और दंपति को अपने तरीके से रहने के आदेश दिए गए।
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