पक्कलडुल जलविद्युत परियोजना में मरुसुदर नदी के डायवर्जन साइट।
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने किश्तवाड़ जिले में पक्कलडुल जलविद्युत परियोजना में मरुसुदर नदी के डायवर्जन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। उन्होंने ने कहा कि यह परियोजना 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में 8212 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय निवासियों के समग्र विकास में भी मदद मिलेगी।
जेकेएसपीडीसी की पूरी टीम को बधाई दी
सिंह ने नदी के डायवर्जन की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि और सफलता के लिए चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट, एनएचपीसी और जेकेएसपीडीसी की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समय के भीतर समग्र रूप से पूरा करने के लिए कॉफर डैम और कंक्रीट फेस रॉकफिल डैम के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री का व्यक्त किया गया आभार
उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में जलवायु की कठिन परिस्थितियों में कड़ी मेहनत करने के लिए पूरी टीम की सराहना की। सलाह दी कि ग्रिड संतुलन तथा अधिकतम बिजली उत्पादन के लिए जलविद्युत परियोजनाओं का त्वरित विकास आवश्यक है। पीडीडी विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने जलविद्युत परियोजनाओं के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में जम्मू-कश्मीर प्रशासन के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया और क्षेत्र के समग्र विकास में गहरी दिलचस्पी लेने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा सचिव आलोक कुमार, एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एके सिंह, चिनाब वैली के अध्यक्ष सुरेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
नदी के डायवर्जन से निर्माण कार्य में आएगी तेजी
पक्कलडुल जलविद्युत परियोजना (1000 मेगावाट) का निर्माण चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है जो एनएचपीसी और जेकेएसपीडीसी की एक संयुक्त उपक्रम कंपनी है। सीवीपीपीपीएल को जम्मू-कश्मीर में निर्माण के लिए 3094 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं सौंपी गई हैं। मरुसुदर नदी चिनाब नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। नदी के डायवर्जन से परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा और लोगों की सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।